कल माघ मेले में मौनी अमावस्या पर्व के अवसर पर ज्योतिर्मठ के ज्योतिष्पीठधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के साथ उत्तरप्रदेश पुलिस और मेला प्रशासन द्वारा किए गए अमानवीय, निंदनीय एवं जघन्य कृत्य के विरोध में शंकराचार्य के अनुयायी एवं सनातन धर्म के समर्थकों ने ज्योतिर्मठ के नटराज चौराहे पर यूपी सरकार का पुतला दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को सनातन धर्म, संत समाज और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर सीधा हमला बताते हुए यूपी सरकार की कड़ी निंदा की। वक्ताओं ने कहा कि सरकार की चुप्पी और निष्क्रियता इस गंभीर अपराध को संरक्षण देने जैसा है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान “संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान”, “शंकराचार्य पर वार—नहीं स्वीकार”, “यूपी सरकार जवाब दो” जैसे तीखे नारे लगाए गए और दोषियों के खिलाफ तत्काल कठोरतम कार्रवाई की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक व उग्र किया जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया कि शंकराचार्य मठ से जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उनका पूर्ण निष्ठा के साथ पालन करते हुए आगे की रणनीति तय की जाएगी। इस मौके पर मठ प्रबंधक डॉ विष्णुप्रियानंद जी महाराज, शिवानन्द उनियाल,महिमानन्द उनियाल,जगदीश उनियाल, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ज्योतिर्मठ विक्रम फरस्वांण, व्यापार संघ अध्यक्ष नैन सिंह भण्डारी, अजीतपाल रावत, कांग्रेस ब्लॉक महामंत्री सुखदेव बिष्ट, सरिता उनियाल, शोभा फरस्वांण, प्रधान भंग्युल मिथलेश फरस्वांण, चंद्रशेखर बुटोला, पूर्व सभासद लक्ष्मी लाल, नगर महामंत्री महेन्द्र नम्बूरी, प्रदेश यूथ कांग्रेस प्रदेश महासचिव सुरभी शाह, पूर्व प्रधान पुलना शिवराज सिंह चौहान, नगर महिला कांग्रेस अध्यक्ष आरती उनियाल, नीलम परमार सहित दर्जनों सनातनी एवं शंकराचार्य के अनुयायी मौजूद रहे।