ज्योतिर्मठ नगर के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले सेलंग गांव में खुली बैठक में आज सार्वजनिक एवं सामाजिक कार्यों में शराब पीने, पिलाने, परोसने और विक्रय पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
आम बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने शपथ लेकर गांव में शराब बंदी के लिए संकल्प लिया। इसके साथ ही गांव में कोई भी व्यक्ति शराब एवं अन्य मादक पदार्थ का विक्रय नहीं करेगा। आज गांव में ग्राम प्रधान एवं महिला मंगलदल अध्यक्षा की अध्यक्षता में आम बैठक आयोजित की गई। जिसमें सभी ने ध्वनिमत से शराब बंदी करने के प्रस्ताव का समर्थन किया। सभी के हस्ताक्षर से पारित प्रस्ताव में सार्वजनिक कार्यों जैसे शादी, विवाह, मुंडन, सार्वजनिक पूजा और जिन कार्यक्रमों से समाज का सीधा–सीधा जुड़ाव होता है उनमें शराब पीने, पिलाने,परोसने और विक्रय करने पर शक्त प्रतिबंध लगाया गया है। यदि इस प्रतिबंध के बावजूद कोई व्यक्ति शराब पिलाता है, परोसता है या विक्रय करता है तो उस व्यक्ति का सार्वजनिक बहिष्कार किया जायेगा और उससे शक्त आर्थिक दंड 51000 वसूला जायेगा। इस अवसर पर ग्राम प्रधान रोशना देवी ने कहा कि शराब समाज के लिए एक बहुत ही अभिशाप है। कहा कि सार्वजनिक एवं सामाजिक कार्यों में शराब बंद होने से जहां लोगों का खर्चा बचेगा वहीं समाज में एक अच्छा संदेश जायेगा, कहा कि गांव में शराब बंदी को शक्ति से लागू किया जायेगा। इस अवसर पर ग्राम गांण्यां मोहन सिंह फर्स्वाण, क्षेत्र पंचायत सदस्य वर्षा देवी, वन पंचायत सरपंच शिशुपाल सिंह भंडारी, त्रिलोक सिंह बिष्ट, भवान सिंह, भगत सिंह, देवेश्वरी देवी, बाली देवी समेत ग्राम सभा के सभी सदस्य शामिल थे।