ज्योतिर्मठ ब्लॉक सभागार में पैनखंडा संघर्ष समिति की बैठक आयोजित हुई जिसमें पैनखंडा संघर्ष समिति ने जोशीमठ ब्लॉक को आज तक केंद्र की अन्य पिछड़ा सूची में शामिल न करने पर चिंता प्रकट की। बैठक में में पैनखंडा संघर्ष समिति के अध्यक्ष भरत सिंह कुंवर ने कहा कि उन्होंने कई बार केंद्र सरकार को और राज्य सरकार को जोशीमठ ब्लॉक को केंद्र की अन्य पिछड़ा सूची में शामिल करने के लिए पत्राचार किया इसके अलावा सांसद, मुख्यमंत्री के समक्ष भी मांग रखी लेकिन अभी तक मांग पर कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं हो पाई है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में जोशीमठ विकासखंड की सम्पूर्ण जनता द्वारा किए गए आंदोलन के बाद जोशीमठ ब्लॉक को उत्तराखंड सरकार ने अन्य पिछड़ा क्षेत्र का दर्जा दिया जिसके बाद से यहां के लोग राज्य की सेवाओं में 14 प्रतिशत आरक्षण का लाभ ले रहे है और कई लोगों को राजनीतिक, शैक्षिक और सरकारी सेवाओं में इसका लाभ भी मिला है। बैठक में उपस्थित जोशीमठ प्रखंड के लोगों ने जोर देकर कहा कि जल्द एक प्रतिनिधिमंडल उत्तराखंड सरकार और केंद्र सरकार से जोशीमठ ब्लॉक को केंद्र की अन्य पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल करने की मांग को लेकर मुलाकात करेगा। पैनखंडा संघर्ष समिति ने सभी से एकजुट होने की अपील भी इस बैठक में की। बैठक के बाद पैनखंडा संघर्ष समिति ने उपजिलाधिकारी जोशीमठ के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार को पैनखंडा क्षेत्र को केंद्र की ओबीसी सूची में शामिल करने के लिए ज्ञापन भी दिया है और आगे की रणनीति पर जल्द बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव भी बैठक में पारित किया गया। बैठक में पैनखंडा क्षेत्र को केंद्र की अन्य पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल करने के अलावा क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार, चरापाती, सामुदायिक विकास कार्य समेत महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इस अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र पंवार, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद थपलियाल, पूर्व सभासद समीर डिमरी, पैनखंडा संघर्ष समिति के अजितपाल रावत, कुशल कम्दी, बलबीर सिंह रावत, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधान लक्ष्मण बुटोला, पूर्व प्रधान थैंग महावीर पंवार समेत क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।