जोशीमठ प्रखंड के ग्रामीण सड़क निर्माण को लेकर वर्षों से मुखर है, लेकिन कोई ग्रामीणों की सुध लेने वाला नहीं है। न सरकार और न प्रशासन और न ही सड़क निर्माणदायी संस्था पीएमजीएसवाई, अब डुमक के ग्रामीण चुनाव बहिष्कार के रास्ते पर।
सड़क निर्माण के आंदोलन को संचालित करने के लिए ग्रामीणों ने विकास संघर्ष समिति, डुमक ने खुली बैठक बुला कर आज आगामी लोकसभा चुनाव जो कि 19 अप्रैल को होना, पूर्ण बहिष्कार करने का प्रस्ताव सर्वसहमति से पास किया है। प्रथम चरण के चुनाव के लिए अब कुछ ही घंटों का समय बचा है लेकिन ग्रामीणों के लगातार पत्राचार के बाद भी शासन एवं प्रशासन स्तर से कोई कार्यवाही आज तक नहीं हो पाई है जिससे डुमक गांव के ग्रामीण मजबूरन अपने लोकतांत्रिक अधिकार को त्यागकर कगुनव बहिष्कार के रास्ते पर आगे बढ़ गए है। दुर्भाग्य देखिए वोट मांगने के लिए सियासतदान आंसू तो बहा देते है लेकिन बिना सड़क सुविधा के डुमक जैसे दूरस्थ गांव के ग्रामीण आंसू बहा रहे है लेकिन इन ग्रामीणों के आंसू सूख गए फिर भी सियासतदान ग्रामीणों के आंसू पोछने, सड़क सुविधा का पैगाम लेकर गांव तक नहीं पहुंच पाते है। ग्रामीणों की इस पीड़ा को अगर शासन-प्रशासन नहीं समझेगा तो और कौन समझेगा। विकास संघर्ष समिति डुमक के अध्यक्ष राजेन्द्र भंडारी का कहना है कि कल उन्होंने जोशीमठ पहुंचे सीएम धामी से सड़क के संदर्भ में मुलाकात की लेकिन सीएम कोरा आश्वासन ही दे पाए और किसी भी प्रकार की समय सीमा सड़क निर्माण के लिए नहीं दी, जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने अब हर हाल में चुनाव बहिष्कार करने का फैसला लिया है। बैठक में अंकिता देवी, पुष्पा देवी, देवेश्वरी देवी, सतेश्वरी देवी, गोदाम्बरी देवी, दर्शन रावत, बलबीर सिंह, यशवंत सिंह, अंकित भंडारी समेत कई ग्रामीण मौजूद थे।