ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज द्वारा उत्तराखंड के चार धामों में शीतकालीन तीर्थ यात्रा का शुभारंभ 4 दिसंबर को हरिद्वार के चंडीघाट पर मां गंगा की पूजा, अर्चना और महा आरती कर की गई।
ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज द्वारा ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद के बाद जब से वो ज्योतिष्पीठ पर अभिशिक्त हुए तब से वर्ष 2023 से लेकर लगातार तीसरी बार इस यात्रा का शुभारंभ किया जा रहा है। इस वर्ष शीतकालीन चारधाम यात्रा में 10 राज्यों के 170 तीर्थ यात्री और 01 विदेशी तीर्थ यात्री शामिल हुई। तीर्थ यात्रा में 5 दिसंबर को यमुनोत्री के शीतकालीन यात्रा स्थल खरसाली (खुशीमठ) में यमुना मैया के दर्शन, पूजन और महाआरती का आयोजन किया गया। इसके पश्चात 6 दिसंबर को उत्तरकाशी स्थित भगवान काशी विश्वनाथ के दर्शन पूजन और गंगा आरती का भव्य आयोजन किया गया।
उसके पश्चात 7 दिसंबर को गंगोत्री धाम के शीतकालीन पूजा स्थल मुखबा (मुखीमठ) के दर्शन, पूजन और महाआरती का आयोजन किया। यात्रा के चौथे दिन 8 दिसंबर को भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में भगवान केदारनाथ की पूजन अर्चना कर भव्य महाआरती का आयोजन किया गया।
इसके बाद तीर्थ यात्रा 9 दिसंबर को भगवान बदरीनाथ जी के शीतकालीन पूजा स्थल और भगवान शंकराचार्य के गद्दीस्थल ज्योतिर्मठ स्थित भगवान नृसिंह मंदिर पहुंची जहां शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और विभिन्न राज्यों से आए तीर्थ यात्रियों ने दर्शन, पूजन किया। इसके साथ ही शंकराचार्य द्वारा अपनी इस शीतकालीन यात्रा के समापन की घोषणा की गई। इसके बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज द्वारा पांडुकेश्वर पहुंचकर भगवान कुबेर, उद्धव जी और योग बदरी में दर्शन और पूजन किया तथा ज्योतिर्मठ में भव्य महाआरती का आयोजन किया गया।
चारधाम शीतकालीन यात्रा के अंतिम पड़ाव और भगवान बदरीनाथ के शीतकालीन पूजा स्थल पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के यात्रा के समापन के दौरान कहा कि शीतकाल में की गई यात्रा का फल श्रद्धालुओं को ग्रीष्मकाल में किए गए दर्शनों के समान ही मिलता है। कहा कि ज्योतिर्मठ अब एक पूरा परिवार है और इसे उत्तर विश्व की धार्मिक राजधानी बनाएंगे। इस दौरान उन्होंने यात्रा में शामिल तीर्थ यात्रियों को आशीर्वाद दिया और चारधाम शीतकालीन तीर्थ यात्रा का प्रचार–प्रचार करने का आह्वाहन किया।
इस अवसर पर डंडी स्वामी प्रत्यक्चैतन्य मुकुंदानंद जी महाराज, ज्योतिर्मठ के प्रभारी विष्णुप्रियानंद जी महराज, ज्योतिर्मठ नगर पालिका अध्यक्षा देवेश्वरी शाह, पूर्व प्रमुख और चमोली मंगलम के अध्यक्ष प्रकाश रावत, बृजेश सती, कमल रतूड़ी, विक्रम फरस्वांण, उमानंद सती, आनंद सती, धर्मेंद्र नेगी, समीर डिमरी, अंशुल भुजवाण समेत कई श्रद्धालु एवं तीर्थ यात्री उपस्थित रहे।