पैनखंडा महोत्सव में महिला मंगलदलों ने लोक संस्कृति की बिखेरी अद्भुत छठा

ज्योतिर्मठ विकासखंड में सात दिवसीय पैनखंडा महोत्सव अपने चरम पर है। 17 दिसंबर हो महोत्सव का का समापन होगा। सात दिवसीय महोत्सव में विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों की महिला मंगलदलों के साथ ही नगर क्षेत्र की महिला मंगलदलों ने बढ़चढ़ का प्रतिभाग किया है।चाहे सांस्कृतिक कार्यक्रम को, रस्साकस्सी हो, चम्मच दौड़ हो, चांचरी, लोक जागर, पहाड़ के संघर्षों पर आधारित नाटक, पहाड़ों में मानव, वन्यजीव संघर्षों पर आधारित प्रस्तुति का बखूबी महिलाओं ने मंच पर प्रदर्शन किया है। इस महोत्सव को खास बनाने के लिए पूरे विकासखंड की महिलाओं का बड़ा योगदान है। महोत्सव के साथ ही दूर से आई महिलाएं मेले में चरखी, ड्रैगन का भी खूब आनंद ले रही है। मेले में घरेलू उपयोग की वस्तुओं की दुकानें भी लगाई गई है जिसमें महिलाएं जम कर खरीददारी कर रही है। सुबह से ही मेले में महिलाओं का जमावड़ा देखा जा सकता है।दिनभर महिला मंगलदलों के कार्यक्रम मंच पर आयोजित हो रहे है। पैनखंडा महोत्सव विकास समिति के सचिव विक्रम फरस्वांण का कहना है कि महोत्सव अब अपने अंतिम चरण में है। कहा कि इस महोत्सव में नारीशक्ति का विशेष योगदान रहा है, उनकी भारी संख्या में उपस्थित और योगदान से महोत्सव सफलतम समापन को ओर है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि आज महोत्सव में अंतिम सांस्कृतिक संध्या में लोकगायक किशन महिलपाल का कार्यक्रम है जिसमें रविग्राम खेल मैदान में आयोजन स्थल पर भारी संख्या में लोगों की पहुंचने की संभावना है।

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