जोशीमठ से विश्वप्रसिद्ध हिमक्रीडा स्थल औली को जोड़ने वाली रोपवे पिछले 2023 में जोशीमठ हुए भू–धंसाव की बाद से बन पड़ी है। जिसको लेकर औली और जोशीमठ के पर्यटन व्यवसायियों ने गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी को ज्ञापन भेजकर एशिया की सबसे लंबी दूरी तय करने वाली औली रोपवे के सुधारीकरण के साथ शीघ्र संचालित करने की मांग को गयी है।
औली रोपवे जहां पर्यटकों की आवागम की पहली पसंद है वहीं पर्यटन व्यवसायियों के लिए रोजगार की संजीवनी है। पिछले कई वर्षों से बंद पड़ी इस रोपवे के कारण औली और जोशीमठ का पर्यटन व्यवसाय चौपट हो गया है। रोपवे को संचालित करने वाली गढ़वाल मंडल विकास निगम को भी इससे हर वर्ष करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो गया है। हालांकि स्थानीय लोगों द्वारा कई बार इस रोपवे को पुनः संचालित करने के मांग उठी है लेकिन सुरक्षा का हवाला देकर बार–बार इस और सरकार द्वारा लोगों की मांग को दरकिनार किया गया जिससे लोगों में खासी नाराजगी है। वर्ष 2023 में जोशीमठ नगर में भू–धंसाव की बाद इस रोपवे के टावर नंबर 1 के आस–पास भू–धंसाव हुआ था जिसके बाद आनन–फानन में रोपवे के संचालन को बंद करना पड़ा था लेकिन तब से लेकर आज तक काफी लंबा समय बीत गया लेकिन रोपवे पुनः संचालित नहीं हो पाई है। औली और जोशीमठ में रोपवे संचालन से कई पर्यटन व्यवसायियों को आजीविका प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई है। देश और विदेश से आने वाले सैलानियों के लिए रोमांच और साहस पैदा करने वाले जोशीमठ से औली के बीच चलने वाले इस रोपवे के सफ़र को एक बार फिर से संचालित करने की मांग उठी है। नेशन स्की कोच अजय भट्ट के नेतृत्व में आज पर्यटन व्यवसायियों ने गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी को ज्ञापन भेजकर औली रोपवे को शीघ्र संचालित करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में शिवांचल सेमवाल, नितिन सती, हरेन्द्र भट्ट, संतोष सिंह, दिनेश डिमरी, नीरज बिष्ट, आशीष सिंह, कन्हैया कुमार सहित अनेक पर्यटन व्यवसायी एवं एडवेंचर स्पोर्ट्स से जुड़े कई युवा सम्मिलित थे।