सीमांत विकासखंड जोशीमठ में दशकों तक चिकित्सा क्षेत्र में निस्वार्थ अपनी स्व देने वाले डॉ सुदर्शन सिंह भंडारी को मरणोपरांत, पैनखंडा गौरव सम्मान पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
पैनखंडा महोत्सव के समापन पर पैनखंडा महोत्सव विकास समिति द्वारा उनको इस सम्मान से सम्मानित किया गया। ये सम्मान आज उनके सुपुत्र उमेश भंडारी एवं अमित भंडारी ने बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला के कर–कमलों से प्राप्त किया। स्वास्थ्य सुविधाओं से बदहाल सीमावर्ती क्षेत्र जोशीमठ के लोगों को बेहतर चिकत्सीय सेवा देने के ध्येय से सरकारी नौकरी से दूर रहे प्रख्यात चिकित्सक डाँ सुदर्शन सिंह भण्डारी ने लगातार अपनी जन सेवा जारी रखी।
कुछ समय पूर्व डाँ भण्डारी का निधन देहरादून के कैलाश अस्पताल में लंबी बीमारी से लड़ते हुए हो गया था। वो भारतीय जनता पार्टी में कई अहम पदों पर भी रहे।
बेहद मृदु भाषी जनता की सेवा के लिए समर्पित डाँ भण्डारी ने केजीएमसी लखनऊ से एमबीबीएस करने के बाद केवल छः माह बदरीनाथ धाम में क्लीनिक खोलकर कैरियर की शुरुवात की, और उसके बाद सीमांत नगर जोशीमठ को ही अपनी कर्मस्थली चुना और करीब चालीस वर्षो तक जोशीमठ मे ही चिकत्सा सेवा देते रहे।
मूल रूप से पाण्डुकेश्वर गाँव के निवासी डाँ भण्डारी न केवल जोशीमठ बल्कि विवेकानंद हॉस्पिटल पीपलकोटी मे भी अल्ट्रासॉउन्ड सुविधा के माध्यम से दोनों विकास खण्डो की जनता को सेवाएं देते रहे।
स्व० डॉ भंडारी को मरणोपरांत पैनखंडा गौरव रत्न पुरस्कार से सम्मानित किये जाने पर वरिष्ठ पत्रकार कमल नयन सिलोड़ी ने कहा कि डॉ भंडारी को पैनखंडा गौरव सम्मान मिलना उनको सच्ची श्रद्धांजलि है। कहा कि डॉ भंडारी का पूरे पैनखंडा जैसे सीमांत क्षेत्र में लगातार जनसेवा करना सभी डाक्टरों के लिए अनुकरणीय है।
इस अवसर पर पैनखंडा महोत्सव विकास समिति की अध्यक्षा देवेश्वरी शाह, मेला संयोजक एवं क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष ज्योतिर्मठ अनूप नेगी, मेला समिति के सचिव विक्रम फरस्वांण, दीपक शाह, समीर डिमरी, दिगम्बर सिंह बिष्ट सहित कई लोग उपस्थित रहे।