मूल निवासी स्वाभिमान संगठन जोशीमठ का हुआ गठन, भुवनचंद्र उनियाल बने अध्यक्ष

जोशीमठ भू-धंसाव प्रभावित मूल, पुस्तैनी निवासियों की हक की लड़ाई लड़ने के लिए मूल निवासी स्वाभिमान संगठन का आज विधिवत गठन हो गया है। संगठन के अध्यक्ष भुवनचंद्र उनियाल सर्वसम्मति से चुने गए है।  इस संगठन को बनाने का मुख्य उद्देश्य जोशीमठ आपदा प्रभावित मूल, पुस्तैनी निवासियों के हक की लड़ाई लड़ना है। जिनके गौचर, पनघट, मंदिर, खेत-खलिहान जोशीमठ क्षेत्र में है और जो सुरक्षित जोन में उनमें ही ये लोग विस्थापित होना चाहते है, मूल,पुस्तैनी निवासियों का कहना है कि मारवाड़ी से लेकर सुनील, गौंख से लेकर औली और होसी-रविग्राम से लेकर मनोटी तक उनकी निजी भूमि है घर है वो इन्हीं स्थानों पर विस्थापन चाहते है लेकिन सरकार और प्रशासन कभी ढाक, कभी पीपलकोटी कभी बमोथ में विस्थापन का शिगूफा छोड़ कर जोशीमठ के प्रभावित मूल, पुस्तैनी लोगों की एकता को खंडित करने का प्रयास कर रही है।

संगठन के गठन के बाद निर्णय लिया गया कि 10 मार्च को एक बार फिर से जन आक्रोश रैली निकाली जायेगी और उसी दिन आगे की रणनीति पर विचार किया जायेगा। ये संगठन पूर्ण रूप से गैरराजनीतिक संगठन होगा और किसी भी प्रकार के पार्टी हस्तक्षेप से अलग-थलग और तटस्थ होगा। जोशीमठ आपदा प्रभावितों की मांगों को लेकर जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति पहले से ही संघर्षरत है अब मूल निवासी स्वाभिमान संगठन के गठन के बाद जोशीमठ आपदा प्रभावितों की लड़ाई को और मजबूती मिलेगी और दो अलग-अलग मोर्चो पर जोशीमठ के अस्तित्व और मूल मांगों को लेकर लड़ाई लड़ी जायेगी जिससे निश्चित ही जोशीमठ के आपदा प्रभावित अपने आप को भी और जोशीमठ को सुरक्षित करने में सफल हो सकेंगे।

इस अवसर पर मुरली सिंह राणा, भरत प्रसाद सती, संजय भट्ट, विनोद नंबूरी, मुकेश डिमरी, सरजीत राणा, प्रताप लाल, बसन्त लाल, विजयबल्लभ उनियाल, राजेन्द्र रतूडी, सुभाष डिमरी, अरुणा नेगी, नन्दी देवी पंवार, बसंती देवी, किरन साह, दीपा साह, रेखा साह, पूजा बिष्ट सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

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