एनटीपीसी की हेड रेस टनल का सफल ब्रेकथ्रू, परियोजना ने की बड़ी उपलब्धि हासिल

एनटीपीसी के तपोवन विष्णुगाड़ जलविद्युत परियोजना में हेड रेस टनल का सफल ब्रेकथ्रू कर परियोजना ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। एनटीपीसी की 520 मेगावाट तपोवन विष्णुगाड़ जलविद्युत परियोजना ने 08 जुलाई 2026 को हेड रेस टनल (Head Race Tunnel-HRT) के सफल ब्रेकथ्रू के साथ एक महत्वपूर्ण निर्माण उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि फेस-02 एवं फेस-03 से बनाई जा रही सुरंगों के सटीक ब्रेकथ्रू से प्राप्त हुई है, जिससे दोनों ओर से बनाई जा रही टनल सफलतापूर्वक जुड़ गई।
इस ब्रेकथ्रू के लिए फेस-02 से 1,748 मीटर तथा फेस-03 से 981 मीटर सुरंग की खुदाई की गई। यह उपलब्धि परियोजना के सबसे महत्वपूर्ण एवं जटिल भागों में से एक हेड रेस टनल के निर्माण की दिशा में एक अहम पड़ाव है।
इस सफलता के साथ 12.1 किलोमीटर लंबी हेड रेस टनल में अब तक 9.7 किलोमीटर खुदाई पूर्ण हो चुकी है, जो कुल खुदाई का लगभग 80 प्रतिशत है।
हिमालयी क्षेत्र की अत्यंत चुनौतीपूर्ण भू-वैज्ञानिक परिस्थितियों, कठोर शैल संरचनाओं तथा जटिल भूमिगत निर्माण परिस्थितियों के बावजूद परियोजना से जुड़े अभियंताओं एवं कार्यबल ने उत्कृष्ट तकनीकी दक्षता, दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा एवं गुणवत्ता के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता का परिचय दिया।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ परियोजना की निष्पादन एजेंसी मैसर्स हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (एचसीसी प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए समस्त कार्यबल की अथक मेहनत, तकनीकी उत्कृष्टता तथा निर्माण कार्य के दौरान उच्चतम सुरक्षा मानकों के पालन की सराहना की।
हेड रेस टनल के इस सफल ब्रेकथ्रू के साथ अब टनल लाइनिंग (Tunnel Lining) का कार्य प्रारंभ किया जाएगा, जिससे परियोजना के निर्माण कार्य को और गति मिलेगी।
इस अवसर पर परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक अजय कुमार शुक्ला ने सभी संबंधित अधिकारियों, अभियंताओं, कर्मचारियों एवं सहयोगी एजेंसियों को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने विशेष रूप से एचआरटी टीम के समर्पण, कठिन परिश्रम एवं उत्कृष्ट कार्य निष्पादन की सराहना की। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी परियोजना के निर्माण में सुरक्षा, गुणवत्ता तथा इंजीनियरिंग उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों का पालन करते हुए इसे समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह उपलब्धि स्वच्छ, हरित एवं विश्वसनीय जलविद्युत उत्पादन के माध्यम से देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा भारत के सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में एनटीपीसी की महत्वपूर्ण भूमिका को और अधिक सशक्त बनाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share

You cannot copy content of this page