जोशीमठ में फूलों की खेती को दिया जा रहा बढ़ावा, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अच्छी पहल

जोशीमठ क्षेत्र की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने की दिशा में ऋषि प्रसाद सती के प्रयासों से एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने और फूलों की खेती को व्यवसाय के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर प्रशिक्षण एवं आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए ऋषि प्रसाद सती द्वारा जिलाधिकारी से वार्ता कर जोशीमठ क्षेत्र की महिलाओं के लिए फूलों की खेती को बढ़ावा देने और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का विषय रखा गया। इसके बाद जिला उद्यान विभाग के अधिकारियों से भी इस संबंध में समन्वय किया गया। विभागीय स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद जोशीमठ की महिलाओं के लिए फूलों की खेती का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराया गया।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को फूलों की खेती की तकनीक, पौधों की देखभाल, उत्पादन, गुणवत्ता, विपणन तथा इससे होने वाली आय के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को केवल खेती तक सीमित न रखते हुए उन्हें फूलों के उत्पादन के माध्यम से स्वरोजगार और नियमित आय के अवसरों से जोड़ना है।
इस पूरी पहल में उद्यान विभाग के अधिकारियों तथा स्थानीय स्तर पर संबंधित अधिकारियों के सहयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया, ताकि जोशीमठ क्षेत्र की महिलाएँ फूलों की खेती को व्यावसायिक रूप से अपना सकें और अपने क्षेत्र में ही आय का साधन विकसित कर सके।
नगर पालिका क्षेत्र के फेडरेशन समूह से लगभग 400 महिलाएँ जुड़ी हुई हैं और करीब 40 स्वयं सहायता समूह इसके अंतर्गत कार्य कर रहे हैं। फेडरेशन समूह की अध्यक्ष श्रीमती अनीता पवार एवं सचिव श्रीमती सुमेधा भट्ट के समन्वय से भी महिलाओं को इस पहल से जोड़ने तथा वितरण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सहयोग किया जा रहा है।
प्रशिक्षण के बाद अब महिलाओं को फूलों की खेती के लिए आवश्यक सामग्री के पैकेटों का वितरण भी शुरू किया गया है। प्रथम चरण में 56 पैकेट वितरित किए गए हैं, जबकि आगे अन्य समूहों को भी चरणबद्ध तरीके से इसका लाभ दिया जाएगा।
ऋषि प्रसाद सती ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें प्रशिक्षण के साथ-साथ आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना भी जरूरी है। फूलों की खेती के माध्यम से महिलाओं को अपने ही क्षेत्र में स्वरोजगार का अवसर मिले, उनकी आय में वृद्धि हो और स्थानीय स्तर पर फूलों का उत्पादन बढ़े, इसी उद्देश्य से यह पहल की गई है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर लगातार प्रयास किए जाएंगे।
जोशीमठ की महिलाओं को प्रशिक्षण से लेकर आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने तक की यह पहल महिला सशक्तीकरण, स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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