छूटे हुए राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की मांग, जिलाधिकारी को सौंपा मांगपत्र

उत्तराखंड राज्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के बावजूद चिन्हीकरण से वंचित रह गए वास्तविक एवं पात्र आंदोलनकारियों को न्याय दिलाने की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में 24 अगस्त 2026 को जिलाधिकारी चमोली को प्रार्थना-पत्र सौंपकर छूटे हुए आंदोलनकारियों के मामलों की विशेष जांच एवं पुनः परीक्षण किए जाने की मांग की गई।
मांगपत्र में कहा गया कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन में हजारों माताओं, बहनों, युवाओं, बुजुर्गों और आंदोलनकारियों ने अलग राज्य के निर्माण के लिए संघर्ष किया। अनेक लोगों ने गिरफ्तारी, मुकदमों, पुलिस कार्रवाई तथा अन्य कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन विभिन्न कारणों से कई वास्तविक आंदोलनकारी आज भी चिन्हीकरण और राज्य आंदोलनकारी प्रमाण-पत्र से वंचित हैं।मांग की गई कि चिन्हीकरण की प्रक्रिया को केवल सीमित सरकारी दस्तावेजों तक सीमित न रखा जाए। आंदोलन के दौरान प्रकाशित समाचार-पत्रों की कटिंग, पूर्व में चिन्हित आंदोलनकारियों की गवाही, आंदोलन से संबंधित फोटो, पत्र-पर्चे, गिरफ्तारी एवं मुकदमे के अभिलेख, पुलिस कार्रवाई, जेल रिकॉर्ड, चिकित्सकीय दस्तावेज तथा संघर्ष समितियों एवं आंदोलनकारी संगठनों के अभिलेखों को भी साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जाए।
इसके साथ ही पुराने प्रमाण-पत्रों में दर्ज नाम, पिता के नाम, गांव अथवा अन्य दस्तावेजी त्रुटियों को आवश्यक संशोधन के माध्यम से ठीक करने की मांग भी उठाई गई। पूर्व में लंबित अथवा किसी कारण से छूटे मामलों का वर्तमान में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुनः परीक्षण किए जाने की बात भी मांगपत्र में कही गई है।
मांगकर्ताओं का कहना है कि यह किसी व्यक्ति विशेष का मामला नहीं, बल्कि उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में योगदान देने वाले सभी वास्तविक आंदोलनकारियों के सम्मान, अधिकार और न्याय से जुड़ा विषय है।
उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान केवल प्रमाण-पत्र देने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके संघर्ष और योगदान के इतिहास को भी उचित मान्यता मिलनी चाहिए।
मांगकर्ताओं ने स्पष्ट कहा कि जो वास्तविक आंदोलनकारी हैं, उनका निष्पक्ष चिन्हीकरण किया जाए, पात्र आंदोलनकारियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएं और दस्तावेजी त्रुटियों अथवा प्रक्रियागत कमियों के कारण किसी भी पात्र आंदोलनकारी को उसके अधिकार से वंचित न किया जाए।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share

You cannot copy content of this page