चारापत्ती मुवावजा भुगतान की मांग एनटीपीसी और परियोजना प्रभावित आठ गांवों के मध्य वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी बनी पेंच

एनटीपीसी परियोजना के प्रभावित 08 गांव लगातार टीएचडीसी परियोजना को तर्ज पर चारापत्ती मुवावजा भुगतान की मांग कर रहे है। जिसको लेकर 3 माह पहले प्रभावित गांवों ने कंपनी के खिलाफ धरना प्रदर्शन और परियोजना के कार्यों को ठप कर दिया था। इसके उपरांत जिलाधिकारी चमोली की अध्यक्षता में 8 अप्रैल को तहसील सभागार में प्रभावित ग्रामीणों, तहसील प्रशासन, एनटीपीसी की त्रिपक्षीय वार्ता हुई थी। जिसमें एनटीपीसी कंपनी प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को आश्वस्त किया था कि ग्रामीणों की मांग पर सकारात्मक निर्णय उनके उच्च अधिकारियों द्वारा लिया जायेगा लेकिन 03 माह से भी अधिक माह गुजर जाने के बाद भी ग्रामीणों  को मुख्य मांग चारापत्ती मुवावजा भुगतान पर कंपनी द्वारा कोई भी सकारात्मक निर्णय सामने नहीं आया है। बल्कि एनटीपीसी द्वारा इन 8 प्रभावित गांवों के लिए सामुदायिक विकास कार्य के लिए 5 करोड़ 20 लाख रुपए धनराशि देने की बात कही जा रही है। इसके अलावा कंपनी द्वारा स्पष्ट किया जा चुका है कि वर्ष 2006 में जब परियोजना निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण हुआ था उस समय प्रभावित ग्रामीणों को उनकी भूमि, जल, जंगल, जमीन, गोचर, पनघट का एकमुश्त भुगतान किया जा चुका है इसलिए प्रभावितों ग्रामीणों की चारापत्ती की मांग का कोई दावा स्वीकार्य नहीं है। एनटीपीसी द्वारा सामुदायिक विकास कार्य के तहत जो धनराशि दी जानी है और ग्रामीणों की अन्य मांगों को लेकर उपजिलाधिकारी ज्योतिर्मठ कार्यालय में 21 जुलाई को प्रभावित गांवों के जनप्रतिनिधियों को बैठक हुई जिसमें गजनप्रतिनिधियों का स्पष्ट कहना था कि उनको टीएचडीसी की तर्ज पर चारापत्ती मुवावजे का भुगतान किया जाय जिसको लेकर भी एनटीपीसी प्रशासन ने ग्रामीणों के इस दावे को पूर्ण रूप से खारिज कर दिया था। जिसको लेकर प्रभावित गांवों के जनप्रतिनिधियों ने आज जिलाधिकारी चमोली से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और चारापत्ती, रोजगार के संदर्भ में एनटीपीसी और उसकी अधीनस्थ कंपनियों को निर्देशित करने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार ने कहा कि एनटीपीसी के प्रभावित गांवों की चारापत्ती मुवावजे के भुगतान से संबंधित मांग को लेकर उन्होंने अपने स्तर से ऊर्जा सचिव को रिपोर्ट पूर्व में ही प्रेषित की जा चुकी है। कहा कि चारापत्ती मुवावजा भुगतान से संबंधित निर्णय शासन स्तर से होना है और एनटीपीसी के मुख्यालय स्तर से होना है।
जिलाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन देने वालों में ज्योतिर्मठ प्रधान संगठन के अध्यक्ष मोहन बैंजवाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य विपेंद्र कैरणी, ग्राम प्रधान सेलंग रोशना बिष्ट, ग्राम प्रधान बड़गांव बीना देवी, ग्राम प्रधान पैनी विनीता देवी, ग्राम प्रधान भंग्यूल मिथलेश फरस्वाँण, ग्राम प्रधान कुंडीखोला, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रतिनिधि, अजितपाल रावत, पंकज बिष्ट शामिल थे।

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