ज्योतिर्मठ प्रखंड की पीएमजीएसवाई के अंतर्गत तृतीय चरण में निर्माणाधीन सलूड़–सेलंग मोटर मार्ग पर घटिया निर्माण, लेट–लतीफी पर पीएमजीएसवाई और उसके ठेकेदार के खिलाफ डीएम चमोली ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए है। बृहस्पतिवार को सलूड़–डुंग्रा, पगनो, मोल्टा, सेलंग के ग्रामीणों ने बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला की अगुवाई में जिलाधिकारी चमोली से मुलाकात की।
इस सड़क पर फरवरी 2024 से तृतीय चरण का कार्य चल रहा है। ग्रामीण लगातार इस सड़क पर गठिया निर्माण कार्य, निर्माण में देरी, डंपिंग जोन, नाली निर्माण, कटिंग को लेकर नाराजी व्यक्त कर चुके है लेकिन पीपीएमजीसवाई और निर्माण कर रही क्रिस्टल कंपनी इस सड़क पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। सड़क जानलेवा बनी हुई है और कई जगहों पर दुर्घटना को न्योता दे रही है। लगभग 6 से 8 गांवों को जोड़ने वाली इस सड़क से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते है और मुख्य रूप से विश्व धरोहर सलूड़–डुंग्रा गांव को भी यही सड़क मुख्य सड़क से जोड़ती है। ग्रामीण लगातार इस सड़क को घंटिया निर्माण और लेट–लतीफी पर शिकायत कर चुके है लेकिन विभाग इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। लगभग 8.5 करोड़ की लागत से 8 किलोमीटर सड़क का निर्माण होना है जिसमें इस सड़क का कार्य कर रहे ठेकदार को 60 से 70 प्रतिशत भुगतान हो चुका है लेकिन सड़क पर कार्य 40 से 50 प्रतिशत भी पूरा नहीं हुआ है।
ग्रामीणों को शिकायत पर जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार ने इस सड़क निर्माण की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिया है और उपजिलाधिकारी ज्योतिर्मठ को 15 दिनों में जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। जिलाधिकारी चमोली ने पीएमजीएसवाई के एक्शन को तत्काल सड़क सुधारीकरण कार्य प्रारंभ करने के लिए कहा जिसके जवाब में एक्शन ने कहा कि 15 सितंबर से सड़क पर कार्य प्रारंभ कर दिया जायेगा और 01 सप्ताह में सड़क पर जितने भी गड्ढे बने है उनको ठीक करने का आश्वासन दिया है।
जिलाधिकारी चमोली से मुलाकात करने वालों में पूर्व जिला पंचाय सदस्य भरत सिंह कुंवर, भवान सिंह चौहान, पंकज बिष्ट, प्रदीप बिष्ट, अनुज बिष्ट, भागवत सिंह, अनूप सिंह, मनीष नेगी, मुकेश सिंह सहित कई ग्रामीण शामिल थे।